दो रोज पहले जिस 'चाइनीज राक्षस' को बनारस की सड़कों पर वाराणसी की कमिश्नरेट पुलिस ने निकलने नहीं दिया। सोमवार की सुबह उसी चाइनीज राक्षस ने सारनाथ, आदमपुर, कोतवाली, दशाश्वमेध, भेलूपुर थाने की पुलिस के आंखों में धूल झोंककर निकल पड़ा। पुलिस प्रशासन देखती रह गई। दरअसल, बीते शनिवार को कातिल बन चुके चाइनिज मांझा के विरोध में सपाइयों ने भैंसासुर राजघाट से 21 फीट के चाइनीज राक्षस का प्रतीकात्मक पुतला लेकर विरोध मार्च के लिए निकले थे, तभी कोतवाली एसीपी प्रज्ञा पाठक ने इस पर रोक लगा दी। कहा कि बिना अनुमति के मार्च निकाली जा रही है। इस दौरान पुलिस और सपाइयों में नोकझोंक भी हुई। हालांकि, पुलिस के सख्त चेतावनी के कारण मामला शांत हो गया। वहीं, पुलिस की नजरों से बचते हुए, सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव किशन दीक्षित के नेतृत्व में सपाजनों ने 21 फीट का चाइनीज राक्षस का प्रतीकात्मक पुतला सरायमोहाना से मोटरबोट पर लेकर निकल पड़े। विरोध मार्च की सूचना पर जबतक पुलिस पहुंचती, तब तक सपाजनों ने इसे दफन कर दिया था।