बीएचयू के छात्र शिवम सोनकर ने कहा कि ऐसे प्रश्नपत्रों के जरिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय को वामपंथ का गढ़ बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को शिक्षा और शोध का केंद्र बनाए रखना चाहिए, न कि वैचारिक संघर्ष का मंच। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन परिसर में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।