वाराणसी। संकट मोचन संगीत समारोह में आयोजित पेंटिंग प्रदर्शनी में इस बार कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंदिर परिसर में सजी इस प्रदर्शनी में स्थानीय और युवा कलाकारों ने अपनी सृजनात्मकता का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का मन मोह लिया। इस प्रदर्शनी की सबसे खास प्रस्तुति रही ‘चंदन का किवाड़’ नामक पेंटिंग, जिसे औसानगंज के युवा कलाकार ऋतिक जायसवाल ने तैयार किया है। 36 बाय 49 इंच की इस भव्य पेंटिंग को बनाने में उन्होंने लगभग 200 घंटे का समय लगाया। महज छह रंगों के संयोजन से बनी यह कलाकृति अपनी बारीकियों और आध्यात्मिक भावभूमि के कारण दर्शकों को खासा प्रभावित कर रही है। ऋतिक ने अपनी इस कृति को पद्मश्री लोकगायिका मालिनी अवस्थी की चर्चित पुस्तक ‘चंदन किवाड़’ को समर्पित किया है, जिससे इसकी सांस्कृतिक महत्ता और भी बढ़ जाती है। वहीं, लंका क्षेत्र की हर्षिता द्वारा बनाई गई ‘पवन पुत्र’ पेंटिंग भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। इस चित्र में हनुमान जी के वीर और भक्तिमय स्वरूप को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया है, जो दर्शकों को रुककर देखने पर मजबूर कर देता है। पांडेयपुर की शैलजा गुप्ता ने ‘लंका दहन’ शीर्षक से बनाई अपनी पेंटिंग मात्र तीन घंटे में तैयार की, लेकिन उसकी प्रस्तुति और रंग संयोजन ने उसे बेहद प्रभावशाली बना दिया। इसके अलावा बीआर फाउंडेशन की पूनम राय ने भी हर वर्ष की तरह इस बार अपनी चित्रकारी के माध्यम से हनुमत दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी कलाकृतियों में भक्ति और सौंदर्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। प्रदर्शनी में अनुष्का मौर्य, स्नेहा राय, विनेक्षा राय, जीवा, संजीवनी, रिजवान खान, तरंजीत कौर, ममता मल्होत्रा और प्रियंका प्रियदर्शिनी जैसे कलाकारों ने भी अपनी-अपनी चित्रकृतियों से दर्शकों को खूब आकर्षित किया। कुल मिलाकर, इस पेंटिंग गैलरी ने संकट मोचन संगीत समारोह में कला के एक और रंग को जोड़ते हुए इसे और भी समृद्ध बना दिया है, जहां भक्ति, संस्कृति और सृजनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।