दी होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अम्बरीष कुमार राय ने जिला होम्योपैथिक विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शासन से उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने निजी चिकित्सकों, राजकीय चिकित्सकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों को चिंताजनक बताया। डॉ. राय ने आरोप लगाया कि निजी होम्योपैथिक चिकित्सकों के क्लीनिक के पंजीकरण और नवीनीकरण के नाम पर धन की मांग किए जाने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि यदि शासन के नियमानुसार ये प्रक्रियाएं निःशुल्क हैं तो किसी भी प्रकार की धनराशि मांगना स्वीकार्य नहीं है। शिकायतों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी के प्रभार में कार्यरत डॉ. प्रतिमा सिंह के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने किसी फाइल के लंबित नहीं होने की बात कही थी। डॉ. राय ने कहा कि विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर लंबित आवेदनों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक होनी चाहिए। उन्होंने निजी चिकित्सकों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने तथा सेवानिवृत्त चिकित्सकों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान शीघ्र कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी पद अधिकार जताने के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा और जवाबदेही के लिए होता है।