वाराणसी में आज का दिन खास था। अंतरगृही यात्रा की शुरूआत आज हुई। अगहन शुक्ल चतुर्दशी को यात्रा निकाली जाती है और इस यात्रा का इतिहास माता सीता से जुड़ता है कहा जाता है कि मां सीता ने मनोकामना पूर्ति के लिए इस यात्रा को किया था। मणिकर्णिका घाट से शुरू होकर ये यात्रा अस्सी होते हुए गंगा वरूणा के संगम आदिकेशव घाट पर जाकर समाप्त होती है और कहा जाता है कि इसे करने वालों को मन चाहा वरदान मिलता है।