सुल्तानपुर : सुल्तानपुर में इलाज में लापरवाही का एक मामला सामने आया है। कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के सरैया मुस्तफाबाद में सोमवार शाम 5:30 बजे ग्रामीणों ने शव रखकर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मृतका की मां उर्मिला ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी शोभावती उर्फ बुआ का 15 दिन पहले गर्भपात कराया गया था। परिजनों का दावा है कि मरीज की हालत गंभीर होने के बाद डॉक्टर और उनके सहयोगी उसे लखनऊ के अस्पताल भेजकर मौके से फरार हो गए। मरीज की आज लखनऊ में मौत हो गई। मृतका की पहचान 28 वर्षीय गुड़िया के रूप में हुई है, जिसकी शादी जयसिंहपुर कोतवाली के पीढ़ी निवासी बृजेश निषाद से हुई थी। उसका एक चार साल का बेटा आदेश है। उर्मिला की बेटी को दो माह का गर्भ था, जिसमें जटिलता के कारण उसे स्थानीय अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान मरीज की तबीयत बिगड़ती गई और उसे पेट में तेज दर्द होने लगा। परिवार का आरोप है कि वे बार-बार मरीज को लेकर अस्पताल आते रहे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी और केवल ठीक होने का आश्वासन देते रहे। उर्मिला के अनुसार, मरीज की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन की बात कही। हालांकि, स्थिति गंभीर होते ही डॉक्टर और उनका सहयोगी स्टाफ फोन बंद कर मौके से फरार हो गए। उन्होंने मरीज को लखनऊ रेफर कर दिया और खुद गायब हो गए। पीड़ित परिवार का यह भी दावा है कि डॉक्टरों ने पहले इलाज का सारा खर्च उठाने और मरीज के साथ रहने का लिखित वादा किया था। हालांकि, बाद में वे अपने वादे से मुकर गए और मरीज को छोड़कर फरार हो गए। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। उर्मिला ने अधिकारियों और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि इस लापरवाही के कारण उनके गरीब परिवार का जीवन प्रभावित हुआ है। मौके पर सीओ कादीपुर विनय गौतम और थाने की पुलिस बल मौजूद है।