सोनभद्र जिले के नगवा ब्लॉक के पपड़हवा ग्राम पंचायत में सोमवार को पेड़ है तो प्राण है अभियान के तहत ग्रामीणों के बीच फलदार पौधों का वितरण किया गया। इसके साथ ही जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा तथा संभावित विस्थापन के विरोध में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। सभा को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज की पहचान व आजीविका का आधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार औद्योगिक परियोजनाओं के नाम पर आदिवासी परिवारों को विस्थापित करना चाहती है, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी भाई-बहनों का एक भी घर उजाड़ने नहीं दिया जाएगा। यदि विकास करना है तो ऐसी जगह उद्योग स्थापित किए जाएं, जहां किसी परिवार का विस्थापन न हो और पेड़ों की कटाई भी न करनी पड़े। ग्राम प्रधान सुदामा चेरो ने कहा कि ग्रामीण अपनी जमीन और जंगल की रक्षा के लिए एकजुट हैं और किसी भी कीमत पर ऐसी परियोजना को स्वीकार नहीं करेंगे जिससे लोगों का विस्थापन हो। प्रदर्शन में बीडीसी सदस्य बिंदु अगरिया, राम बहाल खरवार, मुनिया खरवार, प्रमिला खरवार, शत्रुधन बिंद, आकाश चौहान, दिनेश चेरो, सुरेश मौर्य आदि मौजूद रहे।