सोनभद्र में रोजगार सेवक संघ ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्री जुड़ा ज्ञापन डीएम को सौंपते हुए इस पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी न होने पर लखनऊ में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। जिलाध्यक्ष विनय पांडेय के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे रोजगार सेवकों ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि वर्ष 2021 में आंदोलन के दौरान मनरेगा कर्मचारियों और रोजगार सेवकों के मानदेय में वृद्धि सहित अन्य हितों को पूरा करने का वादा किया गया था। तीन वर्ष बीतने के बावजूद यह घोषणाएं अब तक लागू नहीं हुई हैं। रोजगार सेवक संघ ने विशेष रूप से ईपीएफ फंड की समस्या उठाया। इसमें सरकार की ओर से अंशदान दिए जाने के बावजूद अभी तक यह राशि खातों में जमा नहीं की गई है। एचआर पॉलिसी को भी लागू नहीं किया गया है। रोजगार सेवकों ने मांग किया कि उनका मानदेय बढ़ाया जाए ताकि वे अपने परिवार का उचित भरण-पोषण कर सकें। इसके अलावा रोजगार सेवकों को नियमित किए जाने और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की भी मांग की।