दुद्धी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी का जर्जर भवन मरीजों और कर्मचारियों के लिए खतरा बन गया है। छतों और दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं, कई स्थानों पर प्लास्टर झड़ रहा है और बारजा गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे।छत्तीसगढ़, झारखंड बॉर्डर की इस मुख्य सीएचसी में प्रतिदिन 250 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। महज 30 बेड का अस्पताल होने से कई बार मरीजों को बरामदे और गैलरी में भर्ती करना पड़ता है। अस्पताल के आईपीडी और ओपीडी भवनों में सीपेज की गंभीर समस्या बनी हुई है। नसबंदी ऑपरेशन थिएटर के बाहर की छत का बारजा दो वर्ष पहले जर्जर होकर गिर चुका है। हाल ही में अस्पताल कार्यालय के पीछे का बारजा भी टूटकर गिर गया था। कर्मचारी आवास भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। पिछले वर्ष एक नर्स जर्जर हिस्से के कारण घायल हो गई थी। अस्पताल के एक्स-रे कक्ष की स्थिति भी खराब है। भवन की जर्जरता के कारण वहां स्थापित डिजिटल एक्स-रे मशीन प्रभावित हुई है और फिलहाल संचालित नहीं हो रही है। इससे मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मियों ने भवन की मरम्मत या नए भवन के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी ने बताया कि भवन की दशा से पत्र के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया गया है। पुरानी बिल्डिंग को ध्वस्त करने का प्रस्ताव भी संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है।