फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम भक्त ले चला रे राम की निशानी..., श्रद्धालुओं ने की श्रीराम दरबार की मंगला आरती

प्रगति चंद Updated Mon, 29 Dec 2025 10:17 AM IST

सोनभद्र नगर के आरटीएस क्लब मैदान में चल रहे श्रीरामचरितमानस नवाह्न पाठ महायज्ञ के पांचवें दिन वन गमन के प्रसंग ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। पिता के वचन का पालन करते हुए श्रीराम के वन जाने और चित्रकूट पहुंचकर उन्हें भरत की ओर से मनाने के मार्मिक प्रसंग का कथाव्यास ने सुंदर वर्णन किया। पूरा पंडाल प्रभु श्रीराम और भरत के जयकारों से गूंजता रहा। राम भक्त ले चला रे राम की निशानी... की पक्तियां पंडाल में गूंजती रही। प्रभु श्रीराम दरबार का भव्य श्रृंगार शिशु त्रिपाठी ने किया। इसके बाद समिति के अध्यक्ष सत्यपाल जैन एवं महामंत्री सुशील पाठक सहित अन्य अतिथियों ने प्रभु श्रीराम दरबार की मंगला आरती की। पाठ करते काशी से पधारे आचार्य सूर्य लाल मिश्र ने कहा कि भगवान राम के वनवास और महाराजा दशरथ की मृत्यु के बाद ननिहाल से भरत एवं शत्रुधन को बुलाया जाता है। अयोध्या लौट कर दोनों भाई भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता के वनवास से अवगत होते हैं। मां कैकेई को अपशब्द कहते हुए वनवास की दोषी मंथरा को दंड देते हैं। इसके बाद माताओं एवं गुरु वशिष्ठ के परामर्श से भरत एवं शत्रुधन चित्रकूट पहुंचते हैं। काफी अनुनय विनय के बाद जब राम अयोध्या लौटने के लिए तैयार नहीं होते हैं तो उनकी चरण पादुका लेकर भरत अयोध्या के लिए प्रस्थान करते हैं।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें