भारत की बाएं हाथ की स्पिनर मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी वैष्णवी शर्मा चम्बल की शेरनी के रूप में विख्यात हैं। अंडर 19 टीम की यह खिलाड़ी रविवार को सीतापुर पहुंचीं। उन्होंने जीडी गोयनका में नन्हे मुन्ने बच्चों के खेल को देखा, उनका हौंसला बढ़ाया और विजेताओं को पुरस्कार भी बांटे। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला से बातचीत भी की। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि चार बरस की उम्र में ही क्रिकेट से नाता जोड़ लिया था। हाथ में गेंद थामकर नन्हीं सी उम्र में वैष्णवी ने गेंद घुमाकर ऐसे फेंकना शुरू किया, कि इनकी स्पिन गेंदबाजी का डंका पूरे विश्व में गूंज उठा। वैष्णवी भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम की कप्तान भी रह चुकी है। यह पहला मौका है जब ग्वालियर चंबल की कोई महिला क्रिकेटर वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा बनी है। वैष्णवी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह विराट और रोहित की फैन हैं। वैष्णवी शर्मा ने कहा कि विश्व कप जीतना और बीसीसीआई की ओर से डालमिया अवॉर्ड दिया जाना उनके कैरियर की सबसे बड़ी उपलब्धि व खुशी है। विराट कोहली और रोहित शर्मा की फैन वैष्णवी ने बताया कि चार साल की उम्र से उन्होंने किक्रेट खेलना शुरू किया था। इस महिला खिलाड़ी को इस मुकाम तक पहुंचाने मे उनके माता और पिता का अहम योगदान रहा है। अमर उजाला से बातचीत में वैष्णवी ने अपने जीवन की यादों और अनुभवों को साझा किया।