मित्र हमारे जीवन के हर सुख-दुख के साथी होते हैं। देश में मित्रता की बहुत सी कहानियां हैं, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा की मित्रता आज भी प्रासंगिक है। लोगों को इससे सीख लेनी चाहिए। ये बातें बिस्कोहर कस्बे के पंडित दीनदयाल नगर उत्तर यादव डीह में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन सोमवार रात को कथा व्यास पंडित सुरेश मणि त्रिपाठी ने कहीं। कथा व्यास ने बताया कि मानव जीवन में माता-पिता, गुरु और मित्र को विशेष स्थान दिया गया है। देश में भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा की मित्रता की मिसाल दी जाती है।