नगर पंचायत बिस्कोहर के भरौली कैथोलिया में चल रहे पांच दिवसीय गायत्री महायज्ञ व संगीतमय पावन प्रज्ञा पुराण कथा के तीसरे दिन शनिवार की शाम को प्रज्ञा पुराण कथा में कथा व्यास कैलाश नाथ तिवारी ने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं कष्ट सहकर भी दूसरों के दुखों को दूर करता है जो दूसरों के सुखों से सुखी होता है, वही ईश्वर की कृपा का अधिकारी बनता है। मानव जन्म ईश्वर का दिया हुआ उपहार है, यह बार-बार नहीं मिलता है। कर्मों के फल से कोई बच नहीं सकता। जो जैसा कर्म करेगा उसे वैसा ही फल मिलेगा।