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VIDEO: दिल्ली धमाके में श्रावस्ती के युवक की मौत: तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, पिता बोले- टीवी पर जानकारी मिली

सोमवार रात दिल्ली में हुए धमाके में श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र के चिकनीपुरवा गांव निवासी दिनेश मिश्रा (34) की भी मौत हो गई। धमाके के बाद से ही भाई दिनेश मिश्रा को फोन कर रहे थे, लेकिन उसका फोन नही मिल रहा था। पूरा परिवार बहुत परेशान था और लगातार हम लोग फोन कर रहे थे। रात लगभग 11 बजे किसी ने फोन उठाया और कहा कि लोकनायक अस्पताल की इमरजेंसी में तत्काल आ जाओ। फोन पर इतना सुनते ही मैं सन्न रह गया और आननफानन में लोकनायक अस्पताल के लिए निकला। उक्त बातें दिल्ली बम धमाके में भाई को गंवाने वाले श्रावस्ती जिले के इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गणेशपुर के मजरा चिकनीपुरवा निवासी गुड्डू मिश्रा ने बताई। गुड्डू ने बिलखते हुए बताया कि वो लगभग 12 बजे लोकनायक अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। वो गिड़गिड़ाते रहे कि उनका भाई अंदर है और उन्हें उसका कुशलक्षेम जानना है, लेकिन किसी ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया। उनके हंगामा करने पर उन्हें अंदर जाने दिया गया, लेकिन उनका भाई दिनेश अंदर नहीं मिला। अंदर मिली लिस्ट में भी उनके भाई का नाम नहीं था, इससे वो और दहशत में आ गए। तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया दिल्ली बम धमाके में मृत हुए दिनेश मिश्रा का लगभग 10 साल पहले रीना देवी के साथ विवाह हुआ था। उनके तीन बच्चे बेटा हिमांशु (8) बेटी बिट्टा (7) और सृष्टि (4) हैं। धमाके में पिता की मौत के बाद से बच्चे बिलख रहे हैं। पत्नी रीना देवी ने रोते हुए बताया कि बताया कि पति दिनेश बच्चों को बेहतर शिक्षा देना चाहते थे, लेकिन अब कौन उन्हें पढ़ाएगा। बोले पिता, टीवी पर समाचार से मिली धमाके की जानकारी मृतक दिनेश के पिता भूरे मिश्रा ने बताया कि उन्हें टीवी पर दिल्ली में बम विस्फोट की खबर मिली। उन्होंने तुरंत बड़े बेटे गुड्डू को फोन कर सभी के कुशलक्षेम की जानकारी ली। गुड्डू से बात होने के बाद दिनेश को फोन किया, तो उसका फोन बंद मिला जिसके बाद पूरे परिवार में हड़कंप मच गया। देर रात बेटे के मौत की सूचना मिली। दो बजे तक भटकने के बाद एसएचओ ने दी मॉर्च्यूरी जाने की सलाह. गुड्डू ने नम आंखों के साथ बताया कि वो रात लगभग दो बजे तक अस्पताल में भटकते रहे और अपने भाई को यहां-वहां ढूंढते रहे, लेकिन उनके भाई का कुछ पता नहीं चला। इस दौरान एक एसएचओ ने उन्हें मच्र्युरी हाउस जाने की सलाह दी। मॉर्च्यूरी पहुंचने पर उनके भाई का शव अज्ञात में रखा मिला। गुड्डू ने बताया कि उनके भाई के पास आधार मौजूद नहीं था, इसलिए उसके शव को अज्ञात में रखा गया था।

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