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VIDEO: नहीं हुआ इंतजाम तो इस बार बाढ़ में मिट सकता है गांव का नामोनिशान

गिलौला का नरैनापुर गांव राप्ती नदी की कटान के मुहाने पर है। विगत वर्ष बाढ़ थमने के कारण गांव का वजूद बच गया था। इसके बावजूद कटान रोकने का कोई इंतजाम नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीणों को संभावित बाढ़ का खतरा सताने लगा है। नरैनापुर गांव का वजूद मिटाने के लिए विगत वर्ष राप्ती नदी की उग्र लहरें खेतों व चकमार्गों को काटते हुए तेजी से गांव की ओर बढ़ रही थी। इस कारण गांव का मुख्य मार्ग व विद्यालय भी नदी के मुहाने पर आ गया था। गनीमत रही कि बाढ़ का खतरा टल गया था। इससे गांव, विद्यालय व सड़क बच गई थी। ग्रामीणों की ओर से इसकी कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की गई। इसके बावजूद न तो गांव को कटान से बचाने के लिए कोई इंतजाम किया गया और न ही कटाव रोधी कार्य ही कराया गया। ऐसे में ग्रामीणों को आगामी बरसात व संभावित बाढ़ का खतरा अभी से सताने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि राप्ती नदी कटान करते हुए एकदम गांव के किनारे पहुंच गई है। यदि बरसात पूर्व इंतजाम न हुआ तो गांव व विद्यालय इस बार धरातल के बजाय सिर्फ कागजों व नक्शे पर ही दिखाई देगा। ग्रामीण बाउर, मंगरे, गुड़ई, जग्गी, विनोद, बुधराम, भगवानदीन बताते हैं कि कई बार गांव के लोगों ने अधिकारियों से मिलकर गांव को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। यदि बांध निर्माण नहीं हुआ तो अबकी बार आने वाली बाढ़ में गांव का नामोनिशान मिट जाएगा।

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