अर्नब तूफान की चेतवानी ने किसानों के चेहरों पर एक बार फिर से चिंता की लकीरें खींच दी। आपदा प्रबंधन टीम द्वारा 30 व 31 अक्तूबर को दी गई तेज हवा के साथ बारिश की चेतावनी के बाद बृहस्पतिवार को दिन भर किसान खेत में पड़ी फसल समेटने में जुटे रहे। जिन किसानों के खेतों में पानी भरा था, उन्हें भी मिनी कंबाइन मशीन से धान कटवाते देखा गया। वहीं, खेत में मड़ाई के लिए पड़ी धान की फसल की मड़ाई भी देर शाम तक जारी रही। तराई में बीते दिनों अर्नब तूफान के दौरान तेज हवा के साथ हुई तेज बारिश का दंश किसान अभी झेल भी नहीं पाए थे कि एक बार फिर अर्नब तूफान की चेतावनी जारी की गई है। तूफान के दौरान 50 से 60 किमी रफ्तार के साथ तेज हवा चलने व भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है। चेतावनी के बाद से जिले के किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान बारिश से अपनी फसल बचाने के लिए बृहस्पतिवार की सुबह से लेकर रात तक खेत मे जुटे रहे। खेत में मड़ाई के लिए पड़ी धान की फसल की किसानों ने मड़ाई करवाई और खड़ी फसल को कंबाइन मशीन से कटवाया। कंबाइन मशीन से धान कटवा रहे मिश्रीपुरवा निवासी किसान मनोज कुमार ने बताया कि पूर्व में हुई बारिश में उनकी फसल खेत में गिर गई थी और पानी भर गया था। इससे काफी नुकसान हुआ था। पानी कम होने का इंतजार कर रहे थे, इस बीच फिर चेतावनी आ गई। जिसके बाद महंगी मिनी कंबाइन मशीन से धान कटवा रहे हैं। कंबाइन मशीन से कटवाने पर पशुओं के चारे के लिए मिलने वाला पुआल नहीं मिलेगा। थ्रेसर से मडाई कर रहे किशन रामयज्ञ ने बताया की धान तो वे निकाल ले जाएंगे लेकिन अगर फिर से बारिश हुई तो पुआल खराब हो जाएगा। किसान राज बहादुर ने बताया की कंबाइन से धान कटाने पर नमी अधिक रहती है और उसे सुखाना पड़ता है। इससे समय व धन दोनों का नुकसान होता है।