विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिए जाने की मांग की। बिजली कर्मियों ने कहा कि निजीकरण उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के हित में नहीं है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल लाने की तैयारी में है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निजीकरण के किसी भी कदम का बिजली कर्मी विरोध करेंगे। संघर्ष समिति के पदाधिकारी विवेकानंद नायक ने कहा झूठे आंकड़ों के आधार पर निजीकरण थोपने का प्रयास किया जा रहा है। संविदा कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। ऐसे में बिजली कर्मी चुप बैठने वाले नहीं है।