पौली ब्लाॅक क्षेत्र के बाबा कंकडेश्वरनाथ शिव मंदिर में चल रहे गायत्री महायज्ञ में सोमवार को अवध धाम से आए मानस मर्मज्ञ प्रिया किशोरी ने श्रोताओं के बीच श्री राम - जानकी विवाहोत्सव का वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रोता हर्षित हो गए। कथा वाचक प्रिया किशोरी ने कहाकि जनक जी ने अपने पुत्री जानकी के विवाह के लिए शिव जी के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने वाले के साथ करने का निश्चय लिया। शिव जी के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने के लिए आए देश विदेश के राजा सफल नहीं हो पाए। अयोध्या के राजकुमार श्रीराम और लक्ष्मण ने जब जनक जी के मुंह से सुना कि यह पृथ्वी वीरों से खाली हो गई है।