विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना प्रदर्शन दिया। इस दौरान आरोप लगाया कि 10 अक्तूबर 2025 को हुई ग्रुप आफ मिनिस्टर्स की मीटिंग में उत्तर प्रदेश सहित छह प्रान्तों को चेतावनी दी गई है कि वे निजीकरण के तीन में से एक विकल्प को चुन लें अन्यथा उन्हें केंद्र से मिलने वाली मदद बंद कर दी जाएगी। संघर्ष समिति के पदाधिकारी मनोज यादव ने कहा कि निजीकरण का कोई विकल्प स्वीकार नहीं किया जाएगा और निजीकरण के हर स्वरूप का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में लेसा में सभी वर्गों के मिलाकर कुल 5606 पद समाप्त किए जा रहे हैं जिससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा व्याप्त है।