बाउंसरों को देखते ही विवाह समारोह में अराजकता फैलाने वाले अलर्ट मोड में आ जाते हैं। बारात सजती है तो लोग व्यवस्थित ढंग से चलते हैं। यही नहीं बाउंसरों को देखकर विवाह समारोहों में बाहरी लोगों की भी इंट्री नहीं होती है। पहले जिले की शादियों में बाउंसरों का प्रयोग कम होता था, लेकिन अब इसका चलन बढ़ गया है।