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VIDEO : सहारनपुर में फिर गरमाया गांव नागल राजपूत तालाब का प्रकरण, पढ़ें-क्या है पूरा मामला

डिंपल सिरोही Updated Thu, 16 Jan 2025 05:09 PM IST

सहारनपुर के नकुड़ में भाकियू (डब्ल्यूएफ) से जुड़े किसानों ने गांव नागल राजपूत में तालाब से अवैध अतिक्रमण हवटवाने की मांग करते हुए एसडीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने शीघ्र कार्रवाई ना होने पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन व भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। भाकियू (डब्ल्यूएफ) की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष रितु सैनी के नेतृत्व में किसान नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे और गंगोह के गांव नागल राजपूत में तालाब प्रकरण के समाधान की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप था कि तहसील प्रशासन ने भेदभाव करते हुए कुछ लोगों से कब्जा हटवा दिया था, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते चार लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नही की थी। आरोप है कि वह करीब एक साल से तहसील अधिकारियों के चक्कर काट रहे है, किंतु उनकी कोई सुनवाई नही हो रही है। बताया कि उक्त समस्या के समाधान की मांग को लेकर किसानों ने गत सात अक्टूबर 2024 को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया था, लेकिन एसडीएम द्वारा किसानों के बीच से हुक्का उठवाने वाला प्रकरण हो गया था। जिसके बाद किसान 18 अक्टूबर को अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे, लेकिन एसडीएम संगीता राघव ने धरनारत किसानों के बीच पहुंचकर 60 दिन के भीतर मामले का निपटारा कराने आश्वासन देते हुए धरना समाप्त करा दिया था। किसानों का कहना है कि करीब तीन माह बीत जाने के बावजूद तहसील प्रशासन ने उक्त मामले में कोई कार्रवाई नही की, जिससे किसानों में तहसील प्रशासन के खिलाफ तीव्र रोष व्याप्त है। किसानों ने तहसील प्रशासन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और एसडीएम को मांगपत्र पर सौंपकर 21 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन व भूख हड़ताल की चेतावनी दे दी। जिसके बाद एसडीएम ने तहसीलदार जसमेंद्र सिंह को मौके पर बुलाकर किसानों के सामने उक्त मामले का प्राथमिकता पर अतिशीघ्र निपटारा कराने के निर्देश देते हुए किसानों को 15 फरवरी तक समाधान कराने का आश्वासन देकर शांत कराया। इस पर किसानों ने सहमती जताते हुए चेतावनी दी कि यदि 15 फरवरी तक समाधान नही हुआ तो वह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन व भूख हड़ताल को बाध्य होंगे।

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