नफरती भाषण देने के मामले में कोर्ट से तीन साल कैद की सजा मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समजावादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की विधायकी रद्द हो गई है। रामपुर शहर सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है। ऐसे में यहां पर उपचुनाव होगा। अब आजम खान के सामने अपने सियासी किले को बचाने की चुनौती होगी जिस पर उनका पिछले 45 सालों से दबदबा कायम है। आजम खान जब तक इस मामले में सेशन कोर्ट या हाईकोर्ट से बरी नहीं हो जाते हैं, चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। तो वहीं, दूसरी और आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद होना समाजवादी पार्टी के लिए भी तगड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, हाल ही में सपा संस्थापक व पिता मुलायम सिंह यादव को खोने वाले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए विधानसभा में आजम खान के न होने से चुनौती और बढ़ सकती है। सपा के संस्थापक सदस्यों में शुमार आजम खान पार्टी के मुस्लिम चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं।