सतांव (रायबरेली)। आजी के दसवां संस्कार कार्यक्रम के दौरान सोमवार को नहाने के दौरान एक पोता सई नदी में डूब गया। खोजबीन के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल पाया। वहीं परिजनों में रोना पीटना मच गया। सई नदी में किशोर का पता लगाने के लिए पुलिस ने लखनऊ से राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को बुलाया है। एसडीआरएफ टीम सुबह आठ बजे से खोजबीन कर रही है। गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव निवासी रामराघव द्विवेदी की मां का कुछ दिन पहले निधन हो गया था। सोमवार को गांव के बाहर दसवां संस्कार कार्यक्रम चल रहा था। बाल मुड़वाने के बाद रामराघव का बेटा अक्षत द्विवेदी (17) नदी में नहाने लगा। काफी देर तक अक्षत दिखाई नहीं दिया तो परिजन सई नदी के किनारे पहुुंच गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोर के जरिए नदी में अक्षत की देर शाम तक खोजबीन की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया। मंगलवार को सुबह आठ बजे राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम पहुंची। एसडीआरएफ टीम का नेतृत्व कर रहे सब इंस्पेक्टर हर्षित वर्मा ने बताया कि उनकी टीम सुबह आठ बजे से सर्च कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले डूबे हुए स्थान पर ढूंढने का प्रयास किया गया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। उसने बाद टीम ने लगभग 10 किलोमीटर के एरिया पर ढूंढने का प्रयास कर रही है। ग्राम प्रधान रवि शंकर पटेल ने बताया कि अक्षय द्विवेदी को नदी में डूबे हुए 24 घंटे से भी ज्यादा का समय हो गया। सर्च टीमें लगातार ढूंढने में लगी हुई है।