रायबरेली। ऊंचाहार बीकरगढ़ निवासी राजू (28) के खुदकुशी के मामले को लेकर सियासत गर्म हो गई है। कांग्रेस और सपा प्रदेश सरकार के खिलाफ हमलावर हो गई है। दोनों दलों ने अपने एक्स हैंडल पर सरकार की कानून व्यवस्था पर निशाना साधा है। बुधवार को एनटीपीसी कर्मी राजू ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। बृहस्पतिवार को भी लोगों का आक्रोश फूट पड़ा था। परिजनों व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच कहासुनी व तीखी नोकझोंक हुई। महिलाओं ने ऊंचाहार-सलोन मार्ग जाम करने का भी प्रयास किया। सभी राजू को एनकाउंटर की धमकी देने वाले दरोगा व सिपाही के खिलाफ कार्रवाई करने और मदद दिलाने की मांग की थी। एएसपी-एसडीएम ने मामले में आर्थिक मदद और न्याय दिलाने की बात कहकर परिजनों को शांत कराया था। कांग्रेस व सपा ने ट्वीट कर जताई नाराजगी बीकरगढ़ गांव की घटना को कांग्रेस व सपा ने ट्वीट कर नाराजगी जताई। प्रदेश कांग्रेस ने अपने ट्वीटर हैंडल पर घटना के बारे में लिखा कि खाकी सफेदपोशों की गुलाम बन चुकी है। अपराधियों के आगे घुटने टेकने वाली पुलिस सिर्फ गरीबों और बेगुनाहों के सामने शूरवीर बनती है। कहां छिपे हैं वह माननीय मंत्री, सामने आकर जवाब दें। मंत्री पुलिस नेक्सस की उच्चस्तरीय जांच हो। समाजवादी मीडिया सेल ने ट्वीट किया है कि भाजपा शासित मुख्यमंत्री के राज में फर्जी एनकाउंटर और फर्जी मुकदमे जैसी घटनाओं के कारण मौतों का सिलसिला बढ़ा है। इसके जिम्मेदार यूपी को पुलिस स्टेट में बदलने वाले मुख्यमंत्री हैं।