शिवगढ़ (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र से होकर निकली शिवगढ़ ड्रेन किसानों के लिए अभिशाप बनी हैं। जगह-जगह ड्रेन में जलकुंभी होने से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालात यह है कि पांच हजार बीघा भूमि जलमग्न है। ऐेसे में फसल सड़ने की आशंका से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि ड्रेन की सफाई नहीं होने से हर साल फसल सड़ जाती है। इसको लेकर न तो जनप्रतिनिधि गंभीर हैं न ही सिंचाई विभाग के अभियंता। शिवगढ़ में एक नगरपंचायत व 36 ग्राम ग्राम पंचायतें हैं। सबसे ज्यादा लोग खेती पर निर्भर हैं। गांवों और खेतों में जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए 60 साल पहले शिवगढ़ ड्रेन बनाई गई थी। यह ड्रेन लखनऊ जिले से शुरू होती है। बाराबंकी होते हुए महराजगंज ड्रेन में मिलती है। इसके बाद महराजगंज ड्रेन रायबरेली सई नदी में मिली है। लगभग 45 किमी. लंबी शिवगढ़ ड्रेन किसानों के लिए अभिशाप साबित हो रही है। किसान विष्णु प्रकाश चौधरी, राकेश चंद्र वर्मा, गुमावां के किसान प्रदीप सिंह, कसना के किसान रामकिशोर मौर्य, पहाड़पुर के किसान प्रेम शंकर अवस्थी, वाजिदपुर के किसान राकेश यादव, चितवनिया के किसान सुभाषचंद्र वर्मा ने बताया कि बाजिदपुर बहुदा, बेड़ारू, निबड़वलि, गढ़ी, चितवनिया, रायपुर, बैंती गांव के किसान जलभराव की समस्या से परेशान हैं।