गैस सिलिंडर की किल्लत थम नहीं रही है। तमाम कोशिशों के बाद भी लोगों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। शहर में होम डिलीवरी भी शुरू हो गई है लेकिन सिलिंडर उस समय नहीं मिल रहा है, जब उसकी सख्त जरूरत होती है। हाल यह है कि बुकिंग और मेसेज आने के बाद दस दिन की वेटिंग चल रही है। ऐसे में लोगों को रसोईघर चलाने के लिए इंडेक्शन के साथ चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। पश्चिम एशिया में युद्ध का संकट जब से शुरू हुआ है जिले में गैस सिलिंडर पर संकट आ गया है। हर दिन सिलिंडर पाने के लिए लोगों की लंबी लाइन शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में देखी जाती है। लोग तपती धूप में गैस सिलिंडर के लिए लाइन में खड़े होने के लिए मजबूर हैं। मंगलवार को शहर में गैस सिलिंडर की किल्लत रही। सुबह गोराबाजार स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर एक गाड़ी लोड आया, जिससे उन उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर दिया गया, जिनकी बुकिंग रविवार को हुई थी। बुधवार को बुकिंग कराने वालों को गैस सिलिंडर नहीं मिला। शहर के बालापुर के राजन शुक्ला बताते हैं कि ईकेवाईसी पूरी है, बुकिंग के बाद मेजेस आ गया है लेकिन दस दिन की वेटिंग बताई जा रही है। सत्यनगर के दीपक श्रीवास्तव का कहना है कि वेटिंग के नए पेंच ने समस्या को बढ़ा दिया है। आचार्य द्विवेदी नगर की आरती जायसवाल का कहना है कि सिलिंडर न मिलने से उनको इंडेक्शन पर खाना पकाना पड़ रहा है। इससे बिजली की बिल बढ़ रहा है।