रायबरेली में नसीराबाद थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के मामले में फरार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तथा पीड़ित परिवार को कथित रूप से धमकी दिए जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर शेष आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। मंगलवार को गांव की एक दलित युवती से दुष्कर्म के आरोप में प्रेम सागर तिवारी, राहुल तिवारी, राजुल तिवारी, अखिलेश तथा अमित मिश्रा के विरुद्ध दुष्कर्म एवं एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में प्रेम सागर तिवारी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य चार आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। गुरुवार को लोक जनशक्ति पार्टी अमेठी के जिला अध्यक्ष धर्मराज पासवान पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस शेष आरोपियों की गिरफ्तारी में ढिलाई बरत रही है और आरोपी उन्हें लगातार धमकियां दे रहे हैं। इसके बाद जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर परैया नमकसार चौकी प्रभारी अतुल कुमार त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर तीखी बहस और नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। इस मौके पर छविलाल पासी, राकेश, पुष्पेंद्र, रमेश आदि लोग मौजूद थे।