रायबरेली में इस वर्ष औसत से कम बारिश हुई है। सितंबर में अब तक झमाझम बारिश नहीं हुई है। इससे किसानों को धान की फसल को बचाने के लिए सिंचाई का इंतजाम करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि कम से कम तीन बार खेतों को पानी की जरूर है। इस कारण खर्च बढ़ रहा है। प्राकृतिक बारिश न होने से पैदावार पर भी असर पड़ने की संभावना है। अभी धान की फसल पीक पर है और एक माह बाद इसकी कटाई शुरू हो जाएगी। इस समय पानी की बहुत अधिक जरूरत है। अगस्त में बाऱिश से राहत मिली थी, लेकिन, उसके बाद तेज धूप से खेतों की नमी कम हो गई। यही कारण है कि खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है।