रायबरेली में माध्यमिक विद्यालयों में खेल मैदानों का अभाव है। जिन स्कूलों में खैल मैदान हैं, उनकी हालत भी अच्छी नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को अपने गांव या कस्बे के मैदान में खेलों का अभ्यास करना होता है। प्रतियोगिताएं कराने के लिए भी दूसरी जगह तलाशनी पड़ती है। जिले में 46 राजकीय, 46 सहायता प्राप्त और 250 से अधिक वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। सिर्फ एक राजकीय विद्यालय के पास पर्याप्त जगह वाले दो खेल मैदान है, जिनमें से एक मैदान खेलकूद के उपयोग में नहीं आता है। करीब 15 सहायता प्राप्त विद्यालयों में खेल मैदान है, जिनमें से गिने-चुने स्कूल ही अपने विद्यालयों की व्यवस्था को दुरुस्त रख पाते हैं। वजह यह कि इन स्कूलों को अपने आयोजन कराने होते हैं। जिस स्कूलों के पास खेल मैदान हैं, पहले वहां पर स्कूल के अलावा आसपास के गांवों से लोग खेलकूद के लिए आते थे, लेकिन अब स्कूल के बच्चों को ही दूसरी जगह तलाश करनी पड़ती है। खेल मैदानों के अभाव और उनकी बदहाली के कारण छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता है। ज्यादातर स्कूलों ने छोटी सी जगह को खेल मैदान बना रखा है, जहां बच्चे बैठकर मनोरंजन तो कर सकते हैं, लेकिन खेलकूद का अभ्यास संभव नहीं हो पाता है। डीह प्रतिनिधि के मुताबिक राजकीय बालिका इंटर काॅलेज डीह और राजकीय इंटर कालेज डीह में खेल मैदान नहीं है। राजकीय हाईस्कूल सूची में भी जगह नहीं बची है।