रायबरेली में पश्चिम एशियाई देशों के युद्ध का असर भारत की रसोइयों पर दिख रहा है। जिले में डीजल-पेट्रोल की मारामारी है, साथ ही गैस सिलिंडरों की किल्लत भी बढ़ गई है। लोग सुबह चार बजे से ही सिलिंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर प्राप्त करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों का पहचान सत्यापन पूरा नहीं है। इससे उनका आरक्षण अटक गया है। पिछले पांच दिनों से निशुल्क हेल्पलाइन नंबर भी काम नहीं कर रहा है। इस कारण उपभोक्ताओं की शिकायतें भी दर्ज नहीं हो पा रही हैं। बरुना इंडेन गैस एजेंसी में कार्य कर रहे कर्मचारियों ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सिलिंडरों की खेप पिछली रात को ही प्राप्त हुई है। आज सुबह से ही लगातार वितरण कार्य जारी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें आरक्षण और पहचान सत्यापन में दिक्कतें आ रही हैं। निशुल्क हेल्पलाइन नंबर बंद है। इससे वे समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं। सुबह चार बजे से कतार में खड़े हैं। फिर भी कई लोगों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। यह स्थिति आम जनता के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।