रायबरेली में शहर के शिवाजी नगर के निकट स्थित आईटीआई बाईपास मार्ग की बदहाल स्थिति ने स्थानीय निवासियों के धैर्य का बांध तोड़ दिया है। पिछले चार वर्षों से उड़ती बालू और धूल से परेशान लोगों ने आखिरकार नगर पालिका के खिलाफ सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान, आक्रोशित नागरिकों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन की उपेक्षा पर सवाल उठाए। आईटीआई बाईपास मार्ग, जो शहर के एक महत्वपूर्ण हिस्से को जोड़ता है, पिछले चार सालों से अपनी जर्जर अवस्था में है। सड़क पर गड्ढों का साम्राज्य है और चारों ओर उड़ती बालू व धूल के कारण निवासियों का जीना दूभर हो गया है। न केवल धूल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, बल्कि यह मार्ग यातायात के लिए भी अत्यंत खतरनाक बन गया है। आए दिन इस सड़क पर दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों को चोटें आ रही हैं। संपत्ति का नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए। जनता के बढ़ते रोष के बीच, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इस मामले में सांसद राहुल गांधी को घेरते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने लंबे समय से सड़क की मरम्मत न होना और जनता का परेशान होना चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय सांसद इस समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं।