रायबरेली में बलीपुर में जय मां अंबे इंडस्ट्रीज की राइस मिल तेज आंधी-तूफान के कारण पूरी तरह से तहस-नहस हो गई है। इस घटना में मिल की मशीनें खराब हो गईं और लगभग एक हजार बोरी चावल के साथ तीन हजार कुंतल धान भीगकर बर्बाद हो गया। मिल के प्रोप्राइटर अरुण सिंह को इस प्राकृतिक आपदा से भारी नुकसान हुआ है। यह राइस मिल सरकारी धान खरीद कर उसे चावल बनाकर सरकार को देती थी। आंधी-तूफान इतना भीषण था कि मिल का टीन शेड करीब दो किलोमीटर दूर तक हवा में उड़ गया। सपोर्ट के लिए लगाई गई कैंचियां भी तेज हवा में उड़ गईं। इससे मिल की पूरी संरचना को गंभीर क्षति पहुंची है। मिल में लगी सोटेक्स मशीन, कंप्रेसर मशीन, शिफ्टर और एलीमीटर सहित अन्य सभी मशीनें पूरी तरह से खराब हो गईं। मिल में रखा लगभग एक हजार बोरी चावल भीग गया। यह चावल अब उपयोग के लायक नहीं रहा। इसके अतिरिक्त, लगभग तीन हजार कुंतल धान भी पूरी तरह से भीगकर बर्बाद हो गया है। इस नुकसान से मिल का संचालन ठप हो गया है। आंधी-तूफान के कारण मिल में लगी सोटेक्स मशीन, कंप्रेसर मशीन, शिफ्टर और एलीमीटर सहित कई महत्वपूर्ण मशीनें पूरी तरह से खराब हो गई हैं। इन मशीनों के खराब होने से उत्पादन कार्य पूरी तरह से रुक गया है। मिल में रखा लगभग एक हजार बोरी चावल भीग गया है। यह चावल अब किसी काम का नहीं रहा। तेज हवाओं के कारण राइस मिल का टीन शेड करीब दो किलोमीटर दूर तक उड़ गया। मिल को सहारा देने के लिए लगाई गई कैंचियां भी हवा में उड़ गईं, जिससे पूरी इमारत को गंभीर क्षति पहुंची। इसके साथ ही, लगभग तीन हजार कुंतल धान भी पूरी तरह से भीगकर बर्बाद हो गया है। यह धान सरकार को चावल बनाकर दिया जाना था, जिससे अब आपूर्ति बाधित होगी।