सर्दी ने पिछले पांच दिनों से हर किसी को हिलाकर रख दिया है। किसानों को खुशी और निराशा दोनों दिखाई पड़ रही है। जो किसान सरसों व आलू की खेती करते हैं उन किसानों को फसल में पाला लगने की चिंता सताने लगी है। वहीं, गेहूं की खेती करने वाले किसान अभी तो खुश हैं लेकिन कोहरा घना न पड़ा तो समस्या आने की संभावना है। एक सप्ताह से अचानक बदले मौसम के कारण हुई गेहूं की खेती करने वाले किसान खुश हैं। वहीं तिलहन तथा आलू की खेती करने वाले किसानों को चिंता सताने लगी है। पूरे घासी गांव निवासी बबलू द्विवेदी ने बताया कि सर्दी का मौसम गेहूं की फसल के लिए ठीक है उन्होंने बताया कि अगर सर्दी ने हुई तो गेहूं की फसल की पैदावार में कमी होगी। उन्होंने बताया कि इस समय सरसों फूल तो कहीं कहीं फली ले रहा है। तापमान में असंतुलन से सरसों की फसल का नुकसान होगा। इस फसल में पाला लगने की सम्भावना बनी रहती है। पूरे सोमवंशी मजरे मलिकमऊ चौबारा गांव निवासी सुधीर सिंह का कहना है कि आलू व सरसों की फसल अधिक पाला के कारण खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि अगर मौसम साफ नहीं हुआ तो फसलों की पैदावार में काफी कमी होगी।