पीलीभीत जिले में ग्राम पंचायत के कचरे के निस्तारण को लाखों रुपये की लागत से बनाए गए कूड़ा निस्तारण केंद्र खुद ही कूड़ा हो रहे हैं। कागजों पर संचालित अधिकांश निस्तारण केंद्र बदहाल हो गए हैं। कहीं बड़ी बड़ी घास उग आई तो किसी कूड़ा निस्तारण केंद्र में जानवर बांधे जा रहे हैं। अमरिया ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में बने कूड़ा निस्तारण केंद्रों की हालत सबसे अधिक बदहाल है। ग्राम पंचायत जगत के मजरा नूरपुर में बने निस्तारण केंद्र में कूड़े का निस्तारण तो नहीं हुआ। निस्तारण केंद्र में जानवर बांधे जा रहे हैं। गांव और निस्तारण केंद्र के आसपास गंदगी का अंबार है। यही हाल अमरिया ग्राम पंचायत के कूड़ा निस्तारण केंद्र का है। कस्बे में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और कूड़ा निस्तारण केंद्र संचालन न होने से खुद ही कूड़ा हुआ जा रहा है। ग्राम पंचायत उदयपुर माफी के आरआरसी सेंटर का हाल भी ऐसा ही है। कूड़ा निस्तारण केंद्र में ताला और आसपास घास उगी है। डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि कूड़ा निस्तारण केंद्र के संचालन को लेकर निर्देश जारी किए जा चुके हैं। निस्तारण केंद्र में जानवर बांधे जाने की जांच कराएंगे।