पीलीभीत जिले में नदियों को पुनर्जीवित करने और अविरल धारा बहाने के प्रयास तेज हो गए हैं। एक दिन पूर्व अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने कटना नदी पर कार्य शुरू किए। बुधवार को गोमती नदी के पुनरुद्धार की कवायद भी तेज हो गई। पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, एसडीएम कलीनगर, डीसी मनरेगा और अन्य अफसरों ने उद्गम स्थल के समीप फावड़ा चलाकर पुनरुद्धार कार्य का शुभारंभ किया।
माधोटांडा के पास फुलहर झील को गोमती नदी का उद्गम स्थल माना जाता है। यहां पर तीन झीलें हैं। यहां से निकलकर गोमती नदी जिले में करीब 47 किमी के दायरे में बहती है। गोमती अपने उद्गम के जिले में ही दम तोड़ रही है। कई स्थानों पर गोमती का स्वरूप नाले जैसा हो गया। अतिक्रमण से कराहती नदी कई स्थानों पर सूख भी चुकी है। गंदगी और अन्य समस्याएं भी गोमती की अविरल धारा में बाधा बन गई हैं। जिले में दम तोड़ती गोमती के पुनर्जीवन के प्रयास भी लंबे समय से चल रहे हैं। लखनऊ और केंद्रीय टीमें भी निरीक्षण कर चुकी है। माधोटांडा उद्गम स्थल के सुंदरीकरण और विकास कार्यों की धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है।
बुधवार से गोमती के पुनरुद्धार का प्रयास फिर शुरू हुआ है। विधायक, एसडीएम और अन्य अफसरों ने खुद फावड़ा चलाकर गोमती की खोदाई कार्य का शुभारंभ किया। यह वीबी जी राम जी( मनरेगा) से कराया जा रहा है। नदी की खोदाई कर गहरा किया जाएगा। जल संचयन से जुड़े अन्य कार्य भी कराए जाएंगे।