विभिन्न मांगों को लेकर राजकीय नर्सेस संघ के नर्सिंग अधिकारियों ने दो से पांच तक काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। नर्सिंग कर्मियों ने कहा कि नर्सिंग केवल नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। आज यह पेशा उपेक्षा, अन्याय, स्टाफ की कमी, आउटसोर्सिंग और संविदा शोषण जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। नर्सों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, पदोन्नति, लंबित भत्तों का भुगतान, आउटसोर्सिंग और संविदा प्रथा पर रोक, स्टाफ की कमी दूर करना तथा आठवें वेतन आयोग में नर्सिंग से जुड़ी न्यायसंगत सिफारिशें लागू करना शामिल हैं। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इन मुद्दों को लेकर लंबे समय से ज्ञापन और वार्ता के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन समस्याएं अभी तक लंबित हैं। इसी क्रम में छह फरवरी को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा। मुरादाबाद के नर्सिंग कर्मियों से भी इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया गया है। प्रदर्शन में राजकीय नर्सेस संघ की जिला अध्यक्ष पूनम मैसी, जिला मंत्री प्रतिमा शर्मा, कोषाध्यक्ष सीमा भारती, कामिनी सिंह, विलियम विक्टर, स्नेह ज्योति, माधुरी चौधरी, ऋचा आदि मौजूद रहीं।