गजरौला के गांव पाल में चामुंडा मंदिर के नाम से छोड़े बकरे की मौत हो जाने पर ग्रामीणों ने उसकी अर्थी बनाई। शवयात्रा निकालकर ग्रामीण बकरे के शव को लेकर गंगा तट पर पहुंचे। बकरे के शव को गंगा जल में स्नान कराकर उसे किनारे पर दफन कर दिया। गांव में 15 साल पहले छोड़ा गया बकरा आस्था का प्रतीक था।