गीता देवी की हत्या के आरोपी प्रियांशू और चंदन ने ही बीते फरवरी माह में चुनार के शिवराजपुर में विवाहिता की गला दबाकर हत्या की थी। अदलहाट थाना क्षेत्र निवासी रामजी ने पुत्री आरती पटेल की शादी चुनार थाने के शिवराजपुर गांव निवासी सुनील पटेल के साथ की थी। आरती के साथ प्रियांशू ने बीए की पढ़ाई थी। दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दाेनों की शादी हो गई। आरती शादी के बाद प्रियांशु से बात करती थी। आरती फोटो व वीडियो प्रियांशू की पत्नी को भेजने की धमकी देकर पैसे की मांग करने लगी। जिसके बाद प्रियांशू ने साथी चंदन के साथ मिलकर आरती की हत्या करने की योजना बनाई। बीते एक फरवरी की रात करीब 10 बजे आरती की घर के पीछे दीवार के रास्ते छत पर चढ़ गए। पैसे देने के बहाने आरती को छत पर बुलाया। छत पर चंदन पहले से ही छिपा था। छत पर उपली रखने के कमरे में पैसे देते समय चंदन ने धक्का दिया। उस दौरान प्रियांशू ने गला दबाकर हत्या कर दी। आरती का मोबाइल और टैबलेट फोन लेकर साक्ष्य छिपाने के बहाने रामपुर के तालाब में फेंक दिए। इस मामले में पिता रामजी की तहरीर पर पुलिस ने आरती के पति, ससुर, जेठ व देवर आदि पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पति सुनील तो गुजरात में था। पुलिस ने उसे दहेज हत्या के आरोप में जेल भेज दिया था। प्रियांशु ने आरती से बात करने के लिए अलग मोबाइल रखा था। गीता देवी की हत्या के मामले की जांच के दौरान मोबाइल फोन नंबर की जांच करते समय आरती का नंबर आदि मिला। जिसके बाद पुलिस ने आरती की हत्या के मामले का खुलासा किया।