विंध्याचल धार्मिक नगरी में शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर विंध्य दरबार में भक्तों का रेला लगा रहा। गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने देवी धाम में हाजिरी लगाई और पहाड़ पर त्रिकोण परिक्रमा भी किया। विंध्य नगरी में जगह-जगह विधि विधान से कन्या पूजन और हवन पूजन होता रहा,भक्तों ने हवन कुंड में आहुतियां डालकर मां की आराधना की,भोर में मंगला आरती से लेकर रात तक मंदिर का कोना कोना मां की जय जय कारे से गूंजता रहा। शारदीय नवरात्र मेला की नवमी तिथि बुधवार को धाम में मां के दर्शन पूजन के लिए आस्थावानो का हुजूम उमड़। मंदिर पहुंचे नर नारियों ने बड़े ही भक्ति भाव से आदिशक्ति का दर्शन कर समृद्धि की कामना की । गंगा स्नान बाद श्रद्धालु नारियल, चुनरी, माला, भोग प्रसाद लेकर धाम की तरफ जाने वाली कतारों में खड़े हो गए थे।मंदिर पहुंचने पर भक्तों ने माता के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर विभोर हो उठे। दर्शन पूजन करने के बाद धाम में विराजमान देवी देवताओं के मंदिरों में जाकर मत्था टेक समृद्धि, खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। जगत जननी का दर्शन करने के बाद भक्तों ने अष्टभुजा पहाड़ पर त्रिकोण पथ पर परिक्रमा भी किया। काली खोह स्थित महाकाली मंदिर सहित अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान मां अष्टभुजी देवी और मां तारा देवी मंदिर जाकर बड़े श्रद्धा भाव से दर्शन पूजन किया।