भगवान भोलेनाथ की असीम भक्ति का नज़ारा जो कांवड़ यात्रा में देखने को मिलता है, वो शायद किसी और जगह देखने को ना मिले। पांव में छाले, कांधे पर जल, ज़ुबान पर बोल बम-बम का उद्घोष और मन में डमरू वाले की अटूट भक्ति लेकर जब कांवड़िए चलते हैं, तो हर कोई देखता ही रह जाता है। इस साल सावन के महीने की शुरूआत अभी नहीं हुई है, लेकिन शिवभक्त कांवडिए अभी से ही भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार से जल लेकर आने लगे हैं। ग्रेटर नोएडा के खेड़ी भनौता गांव के रहने वाले अन्नू पहलवान पहले कांवड़िए हैं, जिन्होंने हरिद्वार से इस साल श्रावण मास की शिवरात्रि के लिए सबसे पहली कांवड़ उठाई है। कांवडिए अन्नू पहलवान अपने कांधे पर कलश में 201 लीटर जल लेकर चल रहे हैं और उनके साथ गांव के ही रहने वाले जतिन 121 लीटर, सौरभ 101, सौरभ उर्फ मोटा 51 लीटर और राहुल 21 लीटर जल के कलश लेकर चल रहे हैं। कुल मिलाकर 18 लोगों की मंडली इस कांवड़ के साथ चल रही है। जब अन्नू पहलवान अपनी कांवड़ लेकर चलते हैं, तो युवाओं की भीड़ से जोश दोगुना हो रहा है। इसके अलावा कांवड़िए अन्नू पहलवान के साथ एक ट्रक्टर भी चल रहा है, जिसमें आगे की तरफ भगवान भोलेनाथ की मूर्ति रखी है, शिव परिवार विराजमान है और अखंड ज्योति जल रही है, जो हरिद्वार में ही प्रज्वलित की गई थी। अन्नू और उनके अन्य कांवड़िए साथी बताते हैं कि अखंड ज्योति से उनको कांवड़ खींचने की शक्ति मिलती है। पहलवान अन्नू गूर्जर और उनकी टीम की भक्ति के लिए उन्हें कई ट्रॉफी और शील्ड भी मिली हैं।