मेरठ शहर काजी के लिए चला आ रहा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। जुमे की नमाज में के बाद जामा मस्जिद में कारी शफीकुर्रहमान कासमी को तकरीर नहीं करने दी गई। उन्हें माइक नहीं दिया गया। इस दौरान उनके विरोध में काफी देर हंगामा भी हुआ। पुलिस और जिम्मेदारों ने विरोध कर रहे लोगों को समझाकर शांत किया। इस बार जामा मस्जिद में जुमे की नमाज कारी खुर्शीद ने पढ़ाई। इसके बाद तकरीर डॉ. सालिकीन ने तकरीर की, लेकिन जब तकरीर करने के लिए कारी शफीकुर्रहमान कासमी पहुंचे, तो उन्हें माइक देने से मना कर दिया गया। नमाज़ियों ने शोर मचा दिया। हंगामा होने लगा। माहौल बिगड़ने लगा तो कारी शफीकुर्रहमान खामोश हो गए।