मेरठ। सदर के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचक डॉ. रामप्रकाश शास्त्री ने भगवान श्री दत्तात्रेय जी का प्रसंग सुनाया। बताया कि श्री दत्तात्रेय जी ने अपने जीवन काल में 24 गुरु बनाये हैं। भागवत में वर्णन है कि शिक्षा गुरु तो अनेक हो सकते हैं, लेकिन दीक्षा गुरु तो एक ही होता है। बताया कि मनुष्य यदि सीखना चाहे, तो कीड़े और पतंगे से भी शिक्षा ग्रहण कर सकता है।