जय किसान आंदोलन के संस्थापक किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि गन्ना नियंत्रण आदेश 2026 किसानों के हित में नहीं बल्कि शुगर इंडस्ट्री के हित में बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नया कानून किसानों की सहमति और सुझाव के बिना लाया जा रहा है और अब तक किसी भी किसान संगठन को इसकी प्रति तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने ये बातें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में गन्ना कानून को लेकर आयोजित गोष्ठी में कहीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार को नया कानून लागू करने से पहले किसानों से व्यापक स्तर पर संवाद करना चाहिए। योगेंद्र यादव ने कहा कि देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों—उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र—में किसानों से बातचीत के बाद ही इस तरह का कानून लागू किया जाना चाहिए, ताकि किसानों की राय और हितों को भी इसमें शामिल किया जा सके।