मेरठ में एनएचएआई अधिकारियों की लापरवाही ने 50 मीटर की दूरी को 5 किलोमीटर में बदल दिया है। एनएच- 34 रजपुरा फ्लाईओवर की सर्विस रोड बनाने के बजाए उसे बोल्डर रखकर पूरी तरह बंद ही कर दिया है। जिसके चलते सैकड़ों स्कूल, कॉलेज आने वाले वाहन फ्लाईओवर पर रॉग़ साइड से गुजर रहे हैं। एमआईईटी स्कूल भी उसी सर्विस रोड पर हैं, जहां सीबीएसई नॉर्थ जॉन 1 शूटिंग चैंपियनशिप चल रही है। स्कूल में तीन दिनों में करीब 1200 खिलाड़ी जुटने वाले हैं। एनएच- 34 पर करीब 4 स्थान ऐसे हैं जहां फ्लाईओवर के नीचे और साइड में ड्रेनरेज चोक होने के चलते व सड़क न बनी होने के चलते हमेशा पानी भरा रहता है। बरसात में पानी 3 फीट से ज्यादा तक पहुंच गया है। सबसे बुरा हाल रजपुरा फ्लाईओवर के नीचे का है। इस सर्विस रोड का प्रयोग 3 कॉलेज व 3 ही पब्लिक स्कूल के बच्चे आने जाने के लिए करते है। यहां सड़क का निर्माण ही नहीं किया गया है। ड्रेनरेज करीब 1 साल से चौक है। अब बारिश में यहां करीब 3 फीट तक पानी भरा हुआ है। पिछले दिनों स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से सड़क बनाने व पानी निकासी की बात कही थी। अधिकारियों ने सड़क बनवाने के बजाए सड़क को दोनों ओर से बड़े ब्लॉक रखकर बंद ही कर दिया है। अब स्कूल, कॉलेज के बड़े वहां या तो हाइवे पर रॉन्ग साइड से होकर वापस मेरठ की ओर आ रहे है यहां फिर बहचौला फ्लाईओवर के नीचे से 5 किलो मीटर का चक्कर लगाकर आना पड़ रहा है। इस तरह से 50 मीटर की दूरी 5 किलो मीटर में बदल गई है। इन स्थानों पर बनी है बुरी स्थिति एनएच 34 पर रजपुरा फ्लाईओवर के नीचे, सलारपुर गांव में SS कंपनी की फैक्ट्री के सामने, सैनी पेपर मिल के पास भी यही हालत है। ड्रेरेज चोक होने के चलते इंचौली थाने में कई बाद तो 3 फीट से ज्यादा पानी भर जाता है, पूरा काम ठप पड़ जाता है।