मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे और एक युवती के गायब होने के मामले को लेकर शनिवार को अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। ‘अधिवक्ता मिलन मेरठ’ के बैनर तले अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर युवती की जल्द तलाश कराने और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। युवती की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग अधिवक्ताओं के अनुसार, थाना सिविल लाइंस में 18 अगस्त 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि कलेक्ट्रेट परिसर में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों ने एक युवती को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। अधिवक्ताओं का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के कई दिन बाद भी युवती का पता नहीं चल सका है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस से युवती को जल्द सुरक्षित बरामद करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सरकारी जमीन से कब्जा हटाने की मांग ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर की सरकारी भूमि पर बिना अनुमति किए गए कथित अवैध कब्जे और निर्माण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जांच के बाद अवैध कब्जे और निर्माण को तत्काल हटाया जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।