सरधना के ऐतिहासिक चर्च में ईस्टर रविवार को सुबह से ही प्रार्थना का क्रम शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां जलाकर शांति, प्रेम और मानवता के लिए प्रार्थना की। विशेष उपदेश में प्रेम, क्षमा और त्याग के संदेश पर जोर दिया गया। धार्मिक गुरुओं ने बताया कि ईस्टर का संदेश निराशा से आशा की ओर बढ़ने का प्रतीक है। यह पर्व लोगों को आपसी भाईचारे, सेवा और सद्भाव का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है।