मेरठ में महावीर जयंती भवन, शारदा रोड में विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ द्वारा रविवार को पूजन-प्रक्षाल शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 75 से अधिक बालक-बालिकाओं ने भाग लिया और भगवान महावीर के जीवन व शिक्षाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान सौरभ सर्राफ और गौरव जैन ने बच्चों को बताया कि भगवान महावीर का जन्म कल्याणक चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्व जन्म में भगवान महावीर शेर थे। उस समय दो अवधिज्ञानी मुनियों ने उन्हें धर्म का उपदेश दिया, जिससे उनके भीतर अहिंसा का भाव जागृत हुआ और उन्होंने उसी जन्म में हिंसा का त्याग कर दिया। इसी के परिणामस्वरूप अगले जन्म में वे तीर्थंकर महावीर बने।