अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत आरजीपीजी कॉलेज में छात्राओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉक्टरों ने पीसीओडी, एचपीवी वायरस और मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष त्यागी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका तोमर और एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर व वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. राशि अग्रवाल उपस्थित रहीं। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा त्यागी ने छात्राओं को पीसीओडी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण यह समस्या आजकल महिलाओं में तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पहले के समय में महिलाओं की शारीरिक गतिविधियां अधिक होती थीं, जबकि आज के दौर में फिजिकल एक्टिविटी कम होने और बाहर का भोजन अधिक करने से यह समस्या बढ़ रही है। उन्होंने छात्राओं को संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। वहीं डॉ. मोनिका तोमर ने एचपीवी वायरस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार 14 वर्ष की लड़कियों को यह वैक्सीन मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन लगवाने से कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। यह वैक्सीन सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध है और इसे शादी से पहले लगवाना लाभदायक है। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर एवं वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. राशि अग्रवाल ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि मानसिक बीमारियां केवल अधिक सोचने से नहीं होतीं, बल्कि दिमाग के केमिकल के असंतुलन के कारण होती हैं। उन्होंने छात्राओं को डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याओं के लक्षणों के बारे में बताया और कहा कि सही थेरेपी और दवाइयों के माध्यम से इनका इलाज संभव है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भी डॉक्टरों से सवाल पूछे और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त की।