हस्तिनापुर कस्बे के सैफपुर मार्ग पर सात से नौ नवंबर तक 151 कुंडलीय महायज्ञ के साथ बाल गुरुकुल एवं आयुर्वेदिक चिकित्सालय का शिलान्यास किया जाएगा। यह आयोजन वैदिक न्यास स्थल पर होगा, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को वैदिक परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना है। शनिवार को पत्रकार वार्ता में आचार्या रश्मि आर्या ने बताया कि कस्बे से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित पंच प्यारे भाई धर्म सिंह गुरुद्वारा साहिब मार्ग पर यह गुरुकुल स्थापित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ 7 नवंबर को होगा और समापन 9 नवंबर को। गुरुकुल में बच्चों के रहने के लिए हॉस्टल की व्यवस्था होगी। यहां छात्रों को सनातन धर्म, अध्यात्म, योग के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा दी जाएगी। संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी सहित पांच भाषाओं का ज्ञान भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा। इसके अलावा महर्षि दयानंद अतिथि भवन का भी निर्माण प्रस्तावित है। आचार्या रश्मि आर्या ने बताया कि यह गुरुकुल और आयुर्वेदिक चिकित्सालय राजनीति से पूरी तरह दूर रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां किसी राजनीतिक मंचन की अनुमति नहीं होगी — “यह मंच वैदिक परंपरा को जानने और बच्चों को संस्कार देने के लिए है, राजनीति के लिए नहीं।” आयुर्वेदिक चिकित्सालय में प्राचीन चिकित्सा पद्धति से सभी गंभीर बीमारियों का उपचार किया जाएगा। डॉ. गुलशन ने बताया कि यहां गरीबों को निशुल्क उपचार मिलेगा और जिन बीमारियों का इलाज आधुनिक चिकित्सा में नहीं, उनका समाधान आयुर्वेद से संभव है। पहली बार हस्तिनापुर में होगा 151 कुंडलीय महायज्ञ रश्मि आर्या ने बताया कि यह हस्तिनापुर का अब तक का सबसे बड़ा वैदिक आयोजन होगा। 151 कुंडलीय महायज्ञ अत्यंत शुभकारी माना जाता है और इसी के माध्यम से गुरुकुल व चिकित्सालय का शिलान्यास किया जाएगा।