फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO : गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगीकरण के विस्तार के लिए किसानों ने भूमि देने से किया इनकार, प्रदर्शन

मेरठ से लखनऊ तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगीकरण के विस्तार के लिए शासन द्वारा भूमि अधिग्रहण की जा रही है। शासन ने पहले चरण में खरखौदा व गांव बिजौली की 200 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण कर ली थी। जिसमें किसानों ने कोई विरोध नहीं किया था। अब शासन द्वारा दूसरे चरण के लिए 300 हैकटेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इस 300 हेक्टेयर में खरखौदा क्षेत्र के गांव गोविंदपुर, खड़खड़ी, छतरी व खरखौदा माजरा के करीब 800 किसानों की भूमि आ रही है, लेकिन दूसरे चरण के अधिग्रहण के लिए किसान विरोध कर रहे हैं तथा अपनी भूमि औद्योगिकरण के विस्तार में देने से पूर्ण रूप से इनकार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी आय का जरिया केवल यह कृषि भूमि ही है जिसे वह किसी भी हाल में देना नहीं चाह रहे हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री व यूपीआईडी सहित कई जगहों पर प्रार्थना पत्र देकर भूमि न देने की अपनी मनसा जाहिर कर दी है। उधर शासन द्वारा 300 हेक्टेयर भूमि के भेजे गए प्रस्ताव को यूपीडा ने मान लिया है। लेकिन किसान इस दूसरे चरण के अधिग्रहण को लेकर उग्र हैं, तथा पिछले 18 दिन से छतरी के जंगल में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। किसानों ने इस अधिग्रहण के विरोध में कई बड़ी पंचायत के साथ कई बार बैठक भी कर ली है। किसानों के इस धरना प्रदर्शन में कई गांव के ग्राम प्रधानों व व किसान यूनियन ने अपना समर्थन दे दिया है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें